पक्षी

शकुन विचार
प्रत्येक व्यक्ति को अपनी विभिन्न आवश्यकताओं की पूर्ति करने के लिए एक स्थान से दूसरे स्थान पर जाना पड़ता है. प्राय: देखा गया है कि कहीं जाने से पूर्व प्रत्येक व्यक्ति को विभिन्न प्रकार से तैयारियां करनी पड़ती है जिससे कि उसकी यात्रा का फल सुखद हो तथा यात्रा निर्विघ्न हो. यात्रा में किसी भी तरह का विघ्न न हो इसके लिए शकुन विचार करना बहुत ही महत्वपूर्ण है. शकुन विचार करके यात्रा करने वाला, यात्रा में उत्पन्न होने वाले विघ्न या बाधाओं का पूर्वानुमान लगाकर उसका निवारण कर लेता है. इसलिए यह आवश्यक है कि यात्रा करने से पूर्व शुभ शकुन पर विचार कर लेना बहुत ही महत्वपूर्ण है.
उल्लू का विचार - अपना भोजन साथ लिए हुए उल्लू यात्रा काल में यदि बायीं ओर दिखता है तो यात्रा सफल होती है. यदि वृक्ष पर भोजन एकत्रित करता दिखे तो यात्री धन लाभकर वापस लौटता है. जाने वाले व्यक्ति के बायें उल्लू शांत शब्द करे और दक्षिण में शब्द करे तो यात्रा में सफलता का योग होता है. यात्रा के समय बायीं तरफ से उल्लू का शब्द सुनाई पड़े तो यात्रा प्रशस्त होती है. यदि उल्लू पृथ्वी पर बैठकर आवाज कर रहा हो तो मानना चाहिए कि धन की हानि होगी. आकाश में स्थित होकर शब्द करे तो कलह होने की प्रबलता होती है. दक्षिण भाग में बैठकर शब्द करता है तो मृत्यु के समान कष्ट होता है. उल्लू यदि पहले बायीं तरफ आवाज दे, पश्चात् दक्षिण की तरफ आवाज करे तो यात्रा में पहले सुख और शांति की प्राप्ति होती है और अंत में कष्ट प्राप्त होता है. यह शकुन बहुत खतरनाक है क्योंकि इसमें यात्रा करने वाले को मृत्यु के सामान कष्ट होता है.
नीलकंठ विचार - यात्रा के समय नीलकंठ स्वस्तिक चाल से खाने योग्य पदार्थों को ग्रहण कर परिक्रमा करता हुआ नजर पड़ता है तो यात्री के सभी प्रकार के मनोरथ सिद्व होंगे. जाते समय दाहिनी तरफ नीलकंठ दिखाई पड़े तो धन, यश की प्राप्ति के साथ पूर्ण रूपेण सफलता मिलती है. काक पराजित करता हुआ नीलकंठ दिखाई दे तो निर्विघ्न यात्रा की सिद्वि करता है. यदि यात्रा काल में मयूर के सम्मुख शब्द करता नीलकंठ दिखाई पड़े तो यश प्राप्ति, धनलाभ होता है. यात्रा करने वाले व्यक्ति के आगे-आगे समयोपरांत दिखाई दे तो धन, यश प्राप्ति एवं शत्रु भी यात्रा में मित्र बन जाते हैं और यात्रा सफल होती है.
तोता विचार - यदि गमन काल में दायी ओर या सामने दिखाई दे और मधुर शब्द कर रहा हो, मुक्त हो तो यात्रा में सभी प्रकार की सफलता मिलती है. यदि तोता हरे फल, पुष्प और पत्तों से युक्त वृक्ष पर बैठा हो तो यात्रा में सफलता और यश प्राप्त होता है. चलते समय तोता बायीं तरफ से दायीं तरफ चला जाये और प्रदक्षिणा सी करता हो तो सभी कार्य की सिद्वि तथा यात्रा सफल होती है. यदि तोता का शरीर कांपता हो और वह इधर-उधर भटकता हुआ दूषित या गंदे स्थान पर बैठ जाये तो यात्रा में कठिनाई पैदा होती है. स्वतंत्र घूमने वाला तोता यदि सम्मुख फल या किसी पुष्प को कुरेदता दिखे तो यात्री को धन प्रतिष्ठा का योग समझना चाहिए. तोते का रुदन या क्रंदन करते हुए सामने पड़ना अपशकुन का सूचक समझना चाहिए. इस तरह के अपशकुन में यात्रा करना भयानक या प्राण हरण कारक बनती है.
मयूर विचार - नाचता हुआ मोर यात्रा काल में दिखाई पड़े तो ये बहुत ही शुभ होता है. उत्तम शकुन तब माना जाता है जब मयूर का नाच एवं शब्द करना किसी यात्रा करने वाले के सामने होता है. इसको सभी प्रकार की सिद्वियों एवं धन धान्य, सुख की प्राप्ति का योग समझना चाहिए. मयूर झटका देकर उड़ता हुआ किसी सूखे या उजड़े वृक्ष पर जाये तो यात्रा बहुत ही कष्टदायक होगी, इसकी सूचना समझनी चाहिए.

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